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शिशॠको कितनी मातà¥à¤°à¤¾ में फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध की जरà¥à¤°à¤¤ होती है?
In this article
मà¥à¤à¥‡ कैसे पता चलेगा कि मेरा बचà¥à¤šà¤¾ à¤à¥‚खा है?
मà¥à¤à¥‡ शिशॠको कितनी मातà¥à¤°à¤¾ में फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध देना चाहिà¤?
मà¥à¤à¥‡ कैसे पता चलेगा कि शिशॠको सही मातà¥à¤°à¤¾ में फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध मिल रहा है?
जैसे-जैसे शिशॠबड़ा होगा, उसे कितना दूध पीना चाहि�
फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध की जगह ठोस आहार देना कब शà¥à¤°à¥ करना चाहिà¤?
हमारी पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨à¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤°à¥€ में हिसà¥à¤¸à¤¾ लें
कितना बड़ा है आपके शिशॠका पेट
चैरी से à¤à¤°à¤¾ कटोरायहां जानें कि आपके ​ननà¥à¤¹à¥‡à¤‚ शिशॠके पेट का माप कितना होता है!
अपने शिशॠको हर दिन कितनी मातà¥à¤°à¤¾ में फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध देना चाहिà¤, यह समठपाना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकता है। और इस बात का कोई à¤à¤• जवाब à¤à¥€ नहीं है। दूध की मातà¥à¤°à¤¾ आपके शिशॠकी उमà¥à¤° और वजन पर निरà¥à¤à¤° करती है।
साथ ही, यह इस बात पर à¤à¥€ निरà¥à¤à¤° करता है कि आप उसे केवल फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध देती हैं या फिर साथ में सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध या ठोस आहार à¤à¥€ देती हैं।
यहां नीचे कà¥à¤› सà¥à¤à¤¾à¤µ दिठगठहैं, जिनकी मदद से आप यह पता लगा सकती हैं कि आपके शिशॠको कितनी मातà¥à¤°à¤¾ में फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध की आवशà¥à¤¯à¤•ता है।
मà¥à¤à¥‡ कैसे पता चलेगा कि मेरा बचà¥à¤šà¤¾ à¤à¥‚खा है?
आपके शिशॠकी à¤à¥‚ख दिन-पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ और महीने दर महीने अलग-अलग रहेगी, इसलिठशिशॠको ही इस बात का निरà¥à¤£à¤¯ करने दें कि वह कब, और कितना दूध पीना चाहता है। सामानà¥à¤¯à¤¤: जब शिशॠà¤à¥‚खे होते हैं तो वे खाते-पीते हैं और जब उनका पेट à¤à¤° जाता है तो वे खाना-पीना बंद कर देते हैं।
यदि आप शिशॠके à¤à¥‚ख के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को पहचानकर उनके अनà¥à¤¸à¤¾à¤° काम करें तो उसे दूध पिलाने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ आपके और शिशॠदोनों के लिठआसान हो जाà¤à¤—ी। नीचे दिठगठसंकेतों पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें, आप समठजाà¤à¤‚गी कि शिशॠकà¥à¤¯à¤¾ चाह रहा है। आपका शिशॠयह बता तो नहीं सकता कि उसे à¤à¥‚ख लगी है, मगर यह दरà¥à¤¶à¤¾ जरà¥à¤° सकता है।
à¤à¥‚ख के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ संकेत
जैसे ही आपको शिशॠमें नीचे बताठगठà¤à¥‚ख के संकेत दिखें तो उसे तà¥à¤°à¤‚त दूध पिलाà¤à¤‚, इससे आपका बचà¥à¤šà¤¾ शांति से à¤à¤°à¤ªà¥‡à¤Ÿ दूध पी पाà¤à¤—ा। यदि आप शिशॠके रोने का इंतजार करती हैं, तो हो सकता है कि वह इतना मचल जाठकि फिर दूध ही न पीà¤à¥¤
नींद से जागते समय अपने होंठचाटना
हाथों, जीठया कपड़ों को चूसना
मà¥à¤‚ह खोलना और बंद करना
वह आपकी छाती की तरफ अपना सिर कर रहा है और दूध पीने के लिठमà¥à¤‚ह खोल रहा है। इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ में रà¥à¤Ÿà¤¿à¤‚ग कहा जाता है।
हो सकता है आपका शिशॠमें उपर दिठगठसंकेतों में से केवल à¤à¤•-दो संकेत ही दरà¥à¤¶à¤¾à¤!
à¤à¥‚ख बढ़ने के संकेत
सिर ऊपर-​नीचे करना
चिड़चिड़ापन
जोर-जोर से सिर हिलाना
दूध मिलने में देरी के संकेत!
रोने लगना
शिशॠका रोना शà¥à¤°à¥ करना इस बात का संकेत है कि उसे तेज à¤à¥‚ख लगती है और आपने उसे दूध देने में देर कर दी है। रोते हà¥à¤ शिशॠको दूध पिलाना और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मà¥à¤¶à¥à¤•िल है।
साथ ही, जब आप शिशॠको दूध पिला रही हों, तो उन संकेतों पर नजर रखें, जो बताते हैं कि शिशॠका पेट à¤à¤° गया है। इन संकेतों में शामिल हैं दूध पीने की गति धीमी होना या आराम करने लगना।
दूध पीते समय बीच-बीच में शिशॠइसलिठरà¥à¤•ता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वह यह जानने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करता है कि उसका पेट à¤à¤°à¤¾ है या नहीं।
मà¥à¤à¥‡ शिशॠको कितनी मातà¥à¤°à¤¾ में फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध देना चाहिà¤?
अगर, आपके शिशॠने अà¤à¥€ ठोस आहार खाना शà¥à¤°à¥ नहीं किया है, तो आप à¤à¤• अनà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ आधार पर यह जान सकती है कि शिशॠको कितना फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध दिया जाना चाहिà¤à¥¤
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की पूरà¥à¤£ अवधि पर जनà¥à¤®à¥‡ अधिकांश शिशà¥à¤“ं को हर दिन उसके वजन के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° 150 मि.ली. और 200 मि.ली. फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पà¥à¤°à¤¤à¤¿ किलोगà¥à¤°à¤¾à¤® चाहिठहोगा। यानि कि अगर आपके शिशॠका वजन तीन किलोगà¥à¤°à¤¾à¤® है, तो पूरे 24 घंटों में अपनी à¤à¥‚ख शांत करने के लिठउसे शायद 450 और 600 मि.ली. के बीच फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध चाहिठहोगा।
हालांकि, हो सकता है जनà¥à¤® के पहले सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में शिशॠइससे कम दूध पीà¤, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उसका पेट इस चरण पर बहà¥à¤¤ छोटा सा होता है।
ये माप अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ पर आधारित हैं कि आपके शिशॠको कितने दूध की जरà¥à¤°à¤¤ हो सकती है। जिस तरह आपकी à¤à¥‚ख हर à¤à¥‹à¤œà¤¨ के समय अलग-अलग होती है, उसी तरह आपका शिशॠà¤à¥€ हर बार à¤à¤•दम समान मातà¥à¤°à¤¾ में दूध नहीं पी सकता। इसलिठउस पर बोतल का सारा दूध खतà¥à¤® करने का दबाव न डालें, फिर चाहे बोतल में थोड़ा सा ही दूध कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ न बचा हो।
यह à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि यदि शिशॠबीमार हो, दांत निकलने की वजह से असहज हो या फिर विकास में तेजी (गà¥à¤°à¥‹à¤¥ सà¥à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ) हो, तो उसकी फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पीने की मातà¥à¤°à¤¾ कम या जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो सकती है।
यदि आपके शिशॠको कोई विशेष फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पिलाने के लिठकहा गया है या उसका à¤à¤• तय फीडिंग पà¥à¤²à¤¾à¤¨ है तो अपनी डॉकà¥à¤Ÿà¤° से पता करें कि उसे हर दिन कितना फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध देना चाहिà¤à¥¤
मà¥à¤à¥‡ कैसे पता चलेगा कि शिशॠको सही मातà¥à¤°à¤¾ में फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध मिल रहा है?
हमेशा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें कि आप सही ढंग से फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध तैयार करें। यदि आप बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पानी मिलाà¤à¤‚गी तो दूध काफी पतला बनेगा और इससे शिशॠको उचित विकास के लिठजरà¥à¤°à¥€ पोषक ततà¥à¤µ à¤à¥€ नहीं मिलेंगे।
निमà¥à¤¨à¤¾à¤‚कित संकेत यह बताते हैं कि आपके शिशॠको सही मातà¥à¤°à¤¾ में फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध मिल रहा है:
नियमित वजन वृदà¥à¤§à¤¿à¥¤ जनà¥à¤® के 10 दिन बाद à¤à¥€ उसका वजन बढ़ना जारी रहता है और पहले साल में उसका गà¥à¤°à¥‹à¤¥ करà¥à¤µ उचित ढंग से बढ़ रहा है। जनà¥à¤® के बाद शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ कà¥à¤› दिनों में अधिकांश शिशà¥à¤“ं का जनà¥à¤® वजन करीब 10 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ तक कम हो जाता है और करीब 10 दिन का होने पर वजन फिर से बढ़ना शà¥à¤°à¥ हो जाता है। आपके शिशॠके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ और वजन की जांच डॉकà¥à¤Ÿà¤° नियमित तौर पर करेंगे। यदि शिशॠका वजन बढ़ रहा है, तो यह इस बात का à¤à¥€ संकेत है कि वह सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ है और सही मातà¥à¤°à¤¾ में दूध पी रहा है।
गीले डायपर। आपका शिशॠपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ दूध पी रहा है यह जानने के लिठआप धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें कि वह दिन में कितनी लंगोट या डायपर गीले कर रहा है। जनà¥à¤® के बाद शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ दो-तीन दिनों में वह शायद कà¥à¤› ही लंगोट गीली करेगा। मगर, इसके बाद à¤à¤• दिन में कम से कम छह लंगोट साफ या हलà¥à¤•े पीले पेशाब में à¤à¥€à¤—ी होनी चाहिà¤à¥¤ अगर शिशॠइससे कम बार ​पेशाब कर रहा है, तो शायद उसे परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ दूध नहीं मिल रहा। इससे उसे निरà¥à¤œà¤²à¥€à¤•रण (डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨) हो सकता है।
खà¥à¤¶à¤¨à¥à¤®à¤¾ शिशà¥à¥¤ उचित ढंग से फलता-फूलता शिशॠजगे होने पर सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ रहता है और पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¥€ देता है। जब उसे à¤à¥‚ख लगेगी तो वह दूध की मांग करेगा और पेट à¤à¤° जाने पर वह रिलैकà¥à¤¸à¥à¤¡ और संतà¥à¤·à¥à¤Ÿ लगेगा।
यदि शिशॠके दूध पीने या विकास के बारे में आपकी कोई चिंता हो, तो अपने मन की आवाज पर विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ करें। आप ही अपने शिशॠको सबसे बेहतर ढंग से जानती हैं, और उसके वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° में आठबदलाव का सबसे पहले आपको ही पता चलेगा। यदि आप​ चिंतित हों या आपके कोई सवाल हों तो अपनी डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें।
जैसे-जैसे शिशॠबड़ा होगा, उसे कितना दूध पीना चाहि�
आपके शिशॠको कितनी मातà¥à¤°à¤¾ में फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध की जरà¥à¤°à¤¤ है, यह उसके वजन के साथ-साथ उसकी उमà¥à¤° पर à¤à¥€ निरà¥à¤à¤° करता है। यहां महीने दर महीने के हिसाब से अंदाजा दिया गया है, जिससे आपको यह जानने में मदद मिलेगी कि शिशॠको कितना फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध दिया जाà¤:
पहला हफà¥à¤¤à¤¾à¥¤ जनà¥à¤® के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ दो हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में शिशॠको हर बार 60 और 70 मि.ली. के बीच दूध पिलाने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें। वह à¤à¤• बार में इससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दूध पीने में सकà¥à¤·à¤® नहीं होगा।
दो हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ से दो महीने तक। लगà¤à¤— दो सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से दो महीनों तक शिशॠको हर बार शायद 75 और 105 मि.ली. के बीच फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध चाहिठहोगा। वह à¤à¤• दिन में तकरीबन 450 से 735 मि.ली. दूध पी लेगा। जलà¥à¤¦ ही आप यह जानने लगेंगी कि शिशॠको और दूध चाहिà¤, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वह अपना दूध जलà¥à¤¦à¥€ खतà¥à¤® कर देगा और फिर और दूध पीने के लिठइधर-उधर देखना शà¥à¤°à¥ करेगा।
दो से छह महीने तक। दो और छह महीने के बीच शिशॠको शायद हर बार 105 और 210 मि.ली. के बीच दूध चाहिठहोगा।
छह महीने पर। जब आपका शिशॠछह महीने का हो जाता है तो उसे शायद à¤à¤• बार में 210 और 240 मि.ली. के बीच दूध चाहिठहोगा। à¤à¤• दिन में वह शायद करीब कà¥à¤² 900 मि.ली. फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पी रहा होगा।
ठोस आहार शà¥à¤°à¥ करने पर। जब आप शिशॠको ठोस आहार देना शà¥à¤°à¥ कर देती हैं, उसका फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पीना धीरे-धीरे घटकर करीब 600 मि.ली. पà¥à¤°à¤¤à¤¿ दिन पर आ जाता है।
पूरी तरह ठोस आहार शà¥à¤°à¥ करना। जब शिशॠपूरी तरह ठोस आहार लेना शà¥à¤°à¥ कर देता है, तो उसे हर दिन अलग-अलग तरह के आहार के साथ-साथ करीब 500 से 600 मि.ली. फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध की जरà¥à¤°à¤¤ होगी। बहरहाल, सà¤à¥€ शिशॠअलग होते हैं। अगर आपका शिशॠइतनी मातà¥à¤°à¤¾ में दूध नहीं पी रहा है, तो à¤à¥€ चिंतित न हों। आप उसे दूध से बनी अनà¥à¤¯ चीजें जैसे कि पनीर, कसà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¡, दही और छाछ आदि दे सकती हैं।
à¤à¤• साल के बाद से। शिशॠके à¤à¤• साल का हो जाने पर वह फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध की बजाय पूरà¥à¤£ वसायà¥à¤•à¥à¤¤ गाय का दूध लेना शà¥à¤°à¥ कर सकता है। इस चरण पर आपके बचà¥à¤šà¥‡ को केवल कम से कम 350 मि.ली. और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ 400 मि.ली. दूध पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ चाहिठहोता है। यह सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध, फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध या गाय का दूध या फिर डॉकà¥à¤Ÿà¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बताया गया कोई à¤à¥€ दूध हो सकता है। कोशिश करें कि शिशॠको 400 मि.ली. पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दूध न दें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे बचà¥à¤šà¥‡ की अनà¥à¤¯ à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाने की à¤à¥‚ख कम हो जाà¤à¤—ी।
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि ये केवल अनà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶ हैं, और शिशॠआपको बता देगा कि उसे कब बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ या कम फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध मिल रहा है। अगर आपके मन में कोई दà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ हो, तो अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें। वे आपको सलाह दे सकती हैं कि आपके बढ़ते शिशॠको करीब कितनी मातà¥à¤°à¤¾ में​ दूध की जरà¥à¤°à¤¤ होती है।
फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध की जगह ठोस आहार देना कब शà¥à¤°à¥ करना चाहिà¤?
जब आप शिशॠके छह महीने का हो जाने पर उसे ठोस आहार देना शà¥à¤°à¥ करती हैं, तो वह विसà¥à¤¤à¥ƒà¤¤ वैरायटी के आहार परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में नहीं खा रहा होगा। इसलिठउसे जरà¥à¤°à¥€ पोषक ततà¥à¤µ à¤à¥€ नहीं मिल पा रहे होंगे। इसलिठजरà¥à¤°à¥€ है कि आप शिशॠके à¤à¤• साल का होने तक उसे फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध देना जारी रखें।
जब शिशॠà¤à¤• साल का हो जाà¤, तो उसे गाय का दूध मà¥à¤–à¥à¤¯ पेय के तौर पर दिया जा सकता है। इससे उसे जरà¥à¤°à¥€ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और विटामिन बी12 और बी2 (राइबोफà¥à¤²à¥‡à¤µà¤¿à¤¨) मिल सकेंगें। इसमें कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ à¤à¥€ होता है जो बचà¥à¤šà¥‡ को ऊरà¥à¤œà¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है, जिसकी जरà¥à¤°à¤¤ उसे दिनà¤à¤° होती है।
यदि आपका शिशॠशाकाहारी या वीगन आहार पर है, तो आपको यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करना होगा कि उसे सà¤à¥€ जरà¥à¤°à¥€ पोषक ततà¥à¤µ मिलें जो कि इन आहारों में कम होते हैं जैसे कि विटामिन बी6, बी12, विटामिन डी, आयरन, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और ​कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®à¥¤
अपने शिशॠकी आहार योजना डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° बनाà¤à¤‚। यह खासतौर पर तब जरà¥à¤°à¥€ है जब ​आपका शिशॠढंग से खाता न हो और अपनी उमà¥à¤° के अनà¥à¤¯ शिशà¥à¤“ं की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में लगातार कम दूध पीता हो और खाने से à¤à¥€ इसकी पूरà¥à¤¤à¤¿ न हो रही हो तो। यदि डॉकà¥à¤Ÿà¤° ने बचà¥à¤šà¥‡ ​के लिठसपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ दिठहैं तो सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि आप वे उसे अवशà¥à¤¯ दें।
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